विष्णुपुराण

विष्णुपुराण

विष्णु की कथाएँ, गीता प्रेस के विष्णुपुराण से, कहानी के रूप में। जैसे-जैसे और कथाएँ जुड़ती जाएँगी, यह संग्रह बढ़ता जाएगा।

प्रथम अंश: सृष्टि, काल और अवतार

सृष्टि, काल और विष्णु की महिमामैत्रेय के प्रश्न पर पराशर बताते हैं कि यह जगत् कहाँ से आया और काल किसे कहते हैं।

द्वितीय अंश: भूगोल और ज्ञान

भूगोल: सप्त द्वीप, पाताल और नरकजम्बूद्वीप से लेकर सात पातालों और भिन्न-भिन्न नरकों तक फैले ब्रह्माण्ड का नक्शा।

तृतीय अंश: मन्वन्तर, वेद और धर्म

चौदह मन्वन्तर, व्यास और अठारह पुराणएक-एक कल्प में बदलते मनु और इन्द्र, हर युग के अलग व्यास, और वेद-शाखाओं का बँटवारा।

चतुर्थ अंश: राजवंश और भविष्य

सूर्यवंश: सौभरि, त्रिशंकु और सगरइक्ष्वाकु का वंश, जल में तप करते सौभरि का मोह, त्रिशंकु का स्वर्ग और सगर की विजय।

पंचम अंश: श्रीकृष्ण-लीला

यदुवंश का अन्त और श्रीकृष्ण का स्वधामगमनऋषियों के शाप से यादवों का नाश, श्रीकृष्ण का धाम-गमन और परीक्षित का राज्याभिषेक।

षष्ठ अंश: कलियुग, प्रलय और ब्रह्मयोग

कलियुग का धर्मपराशर बताते हैं कि कलियुग में थोड़े से भजन का भी बड़ा फल, और स्त्री-शूद्र का सहज कल्याण।

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