शिवपुराण

शिव की कथाएँ, गीता प्रेस के संक्षिप्त शिवपुराण से, कहानी के रूप में। जैसे-जैसे और कथाएँ जुड़ती जाएँगी, यह संग्रह बढ़ता जाएगा।

शिवपुराण माहात्म्य

चंचुला की कथाशिवपुराण सुनने से एक पापिनी का उद्धार, और कथा की महिमा।

रुद्रसंहिता (सृष्टि खण्ड)

नारद का अभिमानतप के मद में चूर नारद, और विष्णु की माया का पाठ।सृष्टि और शिवलिंग का प्रादुर्भावब्रह्मा-विष्णु का विवाद और अनन्त ज्योतिर्लिंग।

रुद्रसंहिता (सती खण्ड)

शिव-सती विवाहब्रह्मा के अनुरोध पर शिव और सती का विवाह।सती और श्रीरामदण्डकारण्य में शिव का श्रीराम को नमन, और सती का मोह।दक्ष-यज्ञ और सती-दहनबिना बुलाए यज्ञ में जाकर सती का योगाग्नि में भस्म होना।

रुद्रसंहिता (पार्वती खण्ड)

पार्वती का जन्महिमालय के घर देवी का अवतरण और शिव की सेवा।तारकासुर का वरदानकेवल शिव-पुत्र से वध का वर, और देवों का संकट।कामदेव का दहनशिव की तीसरी आँख से कामदेव का भस्म होना और रति का विलाप।पार्वती की तपस्याशिव को पाने के लिए पार्वती का घोर तप।पार्वती की परीक्षाजटिल ब्राह्मण के वेश में शिव का पार्वती को परखना।शिव-पार्वती विवाहहिमालय के घर शिव की बारात और विवाह।

रुद्रसंहिता (कुमार खण्ड)

कार्तिकेय और तारकासुरस्कन्द का जन्म और तारकासुर का वध।गणेश का जन्मपार्वती की मैल से गणेश, और गजमुख की कथा।गणेश-कार्तिकेय की परिक्रमाअग्रपूजा के लिए दोनों भाइयों की होड़।

रुद्रसंहिता (युद्ध खण्ड)

त्रिपुरारितीन उड़ते नगरों का दहन और शिव का त्रिपुरारि नाम।शंखचूडशंखचूड का जन्म, तुलसी, और शिव से युद्ध।अन्धकासुरशिव के पसीने से जन्मा अन्धक और उसका वध।बाणासुरबाणासुर की तपस्या और शिव का वरदान।गजासुर-वधगजासुर का वध और कृत्तिवास शिव।

शतरुद्रसंहिता

नन्दीश्वरशिव के गणपति नन्दी का जन्म और अभिषेक।काल भैरवकालभैरव का माहात्म्य और विश्वानर की तपस्या।हनुमान: शिव के अवतारशिव के दुर्वासा और हनुमान अवतारों की कथा।दधीचि और पिप्पलादपिप्पलाद अवतार और दधीचि की अस्थि-दान कथा।भद्रायुशिव के द्विजेश्वर अवतार और राजा भद्रायु की परीक्षा।किरात और अर्जुनकिरात-वेश में शिव और अर्जुन का युद्ध, पाशुपतास्त्र।

कोटिरुद्रसंहिता

सोमनाथप्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ के प्रादुर्भाव की कथा।महाकाल और मल्लिकार्जुनराजा चन्द्रसेन, गोप-बालक, और महाकाल की महिमा।ओंकार, केदार, भीमशंकरइन ज्योतिर्लिंगों के आविर्भाव की कथाएँ।काशी विश्वनाथविश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग और काशी का माहात्म्य।त्र्यम्बक, वैद्यनाथ, नागेश्वरगौतम ऋषि की कथा और इन ज्योतिर्लिंगों का प्रादुर्भाव।रामेश्वर और घुश्मेश्वरश्रीराम की स्थापना और घुश्मा की भक्ति की कथा।