हर बड़ी यात्रा एक छोटे, अक्सर डरे हुए क़दम से शुरू होती है। कभी वह एक बालक की ज़िद होती है, कभी एक ऋषि की बेचैनी, और कभी बस यह स्वीकार कर लेना कि अब शुरू करना ही होगा। यह रास्ता उन्हीं पहले क़दमों के लिए है, जहाँ सब कुछ जानना ज़रूरी नहीं, बस चल पड़ना काफ़ी है।
यदि आप इस कोश में नए हैं, तो यह द्वार आपके लिए भी है। हम पहले पूरे संसार का नक़्शा देखेंगे, फिर हर आरम्भ में पूजे जाने वाले गणेश तक जाएँगे, और पतञ्जलि के उस एक शब्द तक जिससे योग की सारी शिक्षा शुरू होती है, अब। इसके बाद रास्ता खुद-ब-खुद खुलने लगता है।
आगे की कथाएँ हमें भरोसा देती हैं कि शुरुआत में साधन कम होना कोई बाधा नहीं। ध्रुव के पास केवल ज़िद थी, और सृष्टि की पहली सुबह के पास केवल एक संकल्प, और उसी से इतना बड़ा संसार खड़ा हो गया।
- नींव · कोश का नक़्शा
कहाँ से शुरू करें यह सबसे कठिन प्रश्न है, इसलिए पहले पूरे कोश का यह नक़्शा देख लीजिए, फिर हर आगे का क़दम अपनी जगह साफ़ दिखेगा और भटकाव कम होगा। - गणेश अथर्वशीर्ष
हर शुभ आरम्भ में गणेश का स्मरण यों ही नहीं होता, वे उस विवेक के देवता हैं जो नई राह के विघ्नों को पहले ही हटा देता है, और मन को टिकाकर बैठा देता है। - योग सूत्र · पाद 1 · समाधि पाद
पतञ्जलि पूरी शिक्षा एक ही शब्द से खोलते हैं, अब, और यही याद दिलाता है कि शुरुआत के लिए सही घड़ी कल नहीं, यही क्षण है, जो सामने पड़ा हुआ है। - भगवद्गीता · अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग
गीता एक टूटन से शुरू होती है, जहाँ अर्जुन का हाथ काँप जाता है, क्योंकि सबसे बड़ी यात्राएँ अक्सर हमारे सबसे कमज़ोर क्षण से ही निकलती हैं, और वहीं से मोड़ आता है। - ध्रुव की तपस्या
एक बालक का ठुकराया जाना उसकी सबसे बड़ी शुरुआत बन जाता है, और ध्रुव हमें दिखाते हैं कि दृढ़ संकल्प के आगे उम्र और साधन दोनों छोटे पड़ जाते हैं। - व्यास की असन्तुष्टि
इतना कुछ रचकर भी व्यास का मन अधूरा रहता है, और यह बेचैनी ही एक नई शुरुआत का बीज बनती है, क्योंकि हर सच्ची खोज किसी कमी के अहसास से जन्मती है। - शिवपुराण · सृष्टि और शिवलिंग का प्रादुर्भाव
सृष्टि की पहली सुबह की यह कथा सबसे बड़ी शुरुआत की कहानी है, और याद दिलाती है कि हर आरम्भ के मूल में एक अनादि आधार टिका रहता है, जो कभी शुरू ही नहीं हुआ।
आपको सब कुछ एक साथ समझने की ज़रूरत नहीं। बस पहला पन्ना खोलिए, और बाक़ी रास्ता क़दम-दर-क़दम अपने आप खुलता जाएगा, जैसे सुबह की रोशनी धीरे-धीरे फैलती है।