लुल्ला परिवारLULLA FAMILY, शुरुआतEnglish

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घर का पुस्तकालय · जीवित ब्रह्माण्ड

कहानियाँ जो
हज़ारों बरस से
जाग रही हैं

पेशे से इंजीनियर राजीव लुल्ला ने यह पुस्तकालय अपने घरवालों के लिए नोट्स की तरह शुरू किया था। आज इसमें रामायण, महाभारत और लगभग पचास दूसरे ग्रंथ हैं।

भारतीय ग्रंथों का एक अभियन्ता-पाठ

हर तारा एक संग्रह। रुकिए: उसका चित्र और उसके रिश्ते; छुइए: संग्रह खुलता है।

आज का अंश · सौन्दर्य लहरी ↓

नौ तारामंडल, नौ समूह। एक को छुइए, उसके संग्रह यहाँ आ जाएँगे।

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पढ़ने के लिए चुनिए

कथा, संवाद और वाणी

ये हमारे चुने हुए पुनर्कथन और व्याख्याएँ हैं। हर संग्रह में उसके स्रोत और पाठ का दायरा दिया गया है।

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    परिवार से पाठक तक

    पढ़ने की जगह, लौटने की जगह

    इस पुस्तकालय के पीछे लुल्ला परिवार की पढ़ने और याद रखने की कहानी है। यहाँ ग्रंथों के साथ परिवार की स्मृतियों के लिए भी जगह है। परिचय में उस यात्रा को पढ़िए; स्रोतों में देखिए कि किसी पाठ की बुनियाद क्या है।

    नया विचार

    काम और उसका फल

    काम पूरा हो जाता है, पर मन परिणाम के दरवाज़े पर बैठा रहता है। गीता के दो श्लोकों के साथ एक विराम।

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