अनन्त बिल्व: चेतना का एक दृष्टान्त
एक बिल्वफल के दृष्टान्त के साथ मन और जगत के प्रश्न में उतरिए।
घर की लाइब्रेरी · जीवित ब्रह्मांड
महाकाव्य, उपनिषद् और दर्शन: मूल बनावट के साथ पढ़े हुए, और ऐसी हिन्दी में सुनाए हुए जैसे कोई अपना पास बैठकर क़िस्सा कहे।
भारतीय ग्रंथों का एक अभियन्ता-पाठ
पढ़ने के लिए चुनिए
ये हमारे चुने हुए पुनर्कथन और व्याख्याएँ हैं। हर संग्रह में उसके स्रोत और पाठ का दायरा दिया गया है।
चुने हुए मूल श्लोकों के साथ, एक-एक अध्याय की व्याख्या पढ़िए।
संग्रह खोलिए →आदि ग्रंथ के अंग और बाणी पढ़िए। संग्रह की सूची से अपना पाठ चुन सकते हैं।
संग्रह खोलिए →अयोध्या से दण्डकारण्य, किष्किन्धा और लंका तक, सात काण्डों का क्रमबद्ध पाठ।
संग्रह खोलिएकुरुवंश, प्रतिज्ञाएँ, वनवास, कुरुक्षेत्र और शान्ति-पर्व तक फैला हुआ इतिहास।
संग्रह खोलिएराजा परीक्षित के सात दिनों में शुकदेव द्वारा सुनाई सृष्टि, अवतार और भक्ति की कथाएँ।
संग्रह खोलिएवसिष्ठ और राम का संवाद, जिसमें मन, जगत और मुक्ति को कथाओं से समझाया गया है।
संग्रह खोलिए58 ठिकाने · 9 समूह
दूसरों के सुख से मैं सुखी होता हूँ और दूसरे लोगों का दुःख देखकर दुःखी; अपने साथी प्राणियों के सुख-दुःख के साथ मेरी इसी सहभावना ने मुझे हर समय जीवित और ताज़ा रखा है।
योग वासिष्ठ · भुशुण्ड
पाठ और स्रोत की टिप्पणी
मेरु पर कल्पवृक्ष पर बैठे, युगों के साक्षी भुशुण्ड मुनि वसिष्ठ को बताते हैं कि इतने युगों में किस बात ने उन्हें स्वस्थ और प्रसन्न रखा।
इस प्रसंग को पढ़िएजहाँ आप हैं, वहीं से
एक सहज पाठ चुनिए। फिर अपनी जिज्ञासा के साथ अगला क़दम रखिए।
रास्ता देखिए 02समय थोड़ा हो तो भी पढ़ने की जगह निकल आती है। छोटे अंशों और विरामों का एक रास्ता।
रास्ता देखिए 03धीमे पढ़ने के लिए कुछ पन्ने। जितना मन चाहे, उतना ही पढ़िए।
रास्ता देखिएएक बिल्वफल के दृष्टान्त के साथ मन और जगत के प्रश्न में उतरिए।
जिज्ञासा के साथ
परिवार से पाठक तक
इस पुस्तकालय के पीछे लुल्ला परिवार की पढ़ने और याद रखने की कहानी है। यहाँ ग्रंथों के साथ परिवार की स्मृतियों के लिए भी जगह है। परिचय में उस यात्रा को पढ़िए; स्रोतों में देखिए कि किसी पाठ की बुनियाद क्या है।
नया विचार
काम पूरा हो जाता है, पर मन परिणाम के दरवाज़े पर बैठा रहता है। गीता के दो श्लोकों के साथ एक विराम।
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