घर की लाइब्रेरी · जीवित ब्रह्मांड

कहानियाँ जो
हज़ारों बरस से
जाग रही हैं

महाकाव्य, उपनिषद् और दर्शन: मूल बनावट के साथ पढ़े हुए, और ऐसी हिन्दी में सुनाए हुए जैसे कोई अपना पास बैठकर क़िस्सा कहे।

भारतीय ग्रंथों का एक अभियन्ता-पाठ

उतरिए

कथा का एक अंश

गन्धर्व मधुर गाने लगे, अप्सराएँ नाचने लगीं, देव-दुन्दुभियाँ बजने लगीं, और आकाश से पुष्प-वृष्टि हुई। अयोध्या में महान उत्सव हुआ, गलियाँ नट-नर्तकों और जन-समूह से भर गईं।

वाल्मीकि रामायण · बालकाण्ड 18.17–18 · गीता प्रेस
पुनर्कथित अंश · पाठ और स्रोत की टिप्पणी

दशरथ के पुत्रों के जन्म पर गन्धर्वों और अप्सराओं का उत्सव अयोध्या के उल्लास के साथ आता है। यह अंश उस अवसर के सार्वजनिक आनंद को दर्ज करता है।

इस प्रसंग को पढ़िए

जहाँ आप हैं, वहीं से

आज किस रास्ते चलें?

सभी रास्ते
राम और वसिष्ठ का कथा-चित्र
योग वासिष्ठ · चुना हुआ पाठ

अनन्त बिल्व: चेतना का एक दृष्टान्त

एक बिल्वफल के दृष्टान्त के साथ मन और जगत के प्रश्न में उतरिए।

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जिज्ञासा के साथ

पुस्तकालय को तीन तरह से देखिए

परिवार से पाठक तक

पढ़ने की जगह, लौटने की जगह

इस पुस्तकालय के पीछे लुल्ला परिवार की पढ़ने और याद रखने की कहानी है। यहाँ ग्रंथों के साथ परिवार की स्मृतियों के लिए भी जगह है। परिचय में उस यात्रा को पढ़िए; स्रोतों में देखिए कि किसी पाठ की बुनियाद क्या है।