Lulla Family का पुस्तकालय

कहानियाँ जो
हज़ारों बरस से
जाग रही हैं

महाभारत से उपनिषद् तक, चालीस से ज़्यादा ग्रंथ। श्लोक-दर-श्लोक पढ़े हुए, और ऐसी हिन्दी में सुनाए हुए जैसे कोई अपना पास बैठकर क़िस्सा कहे।

An engineer’s reading of the Indic canon

उतरिए
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पन्ने, हर एक हाथ से सँवारा
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ग्रंथ, कई परंपराओं से
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पर्व, पूरा महाभारत
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कहानियाँ, भागवतम् से

पुस्तकालय

जहाँ से चाहें, वहीं से खोलिए

हर ग्रंथ अपनी पूरी बनावट के साथ, कहानी की ज़ुबान में। डेस्कटॉप पर स्क्रॉल कीजिए, फ़ोन पर उँगली से सरकाइए।

द्यूत-सभा में द्रौपदी
1

महाभारत

18 पर्व · 41 अध्याय

जय का पूरा इतिहास। कुरुक्षेत्र की धूल से लेकर शांति के आख़िरी सबक़ तक, एक साँस में।

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अशोक वाटिका में हनुमान और सीता
2

रामायण

वाल्मीकि की राह · 34 अध्याय

अयोध्या से लंका, और लंका से वापसी। नारद से वाल्मीकि तक पहुँची हुई आदिकाव्य की राम-कथा।

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शुकदेव परीक्षित को कथा सुनाते हुए
3

श्रीमद्भागवतम्

65 कहानियाँ

परीक्षित के पास सात दिन बचे हैं, और शुकदेव के पास कृष्ण की पूरी कथा। वही बैठक, यहाँ।

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गोवर्धन उठाते कृष्ण · हरिवंश
4

हरिवंश

10 अध्याय · कृष्ण-कथा

महाभारत के आगे की कथा। मथुरा से गोकुल तक कृष्ण का बचपन, और वे सारी लीलाएँ जो सबसे पहले यहीं कही गईं।

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शिव-पार्वती विवाह · शिव पुराण
5

शिव पुराण

32 कथाएँ

सती से पार्वती तक, और हलाहल से केदार तक। शिव के हर रूप की कहानी, बारह ज्योतिर्लिंगों के साथ।

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वराह अवतार · विष्णु पुराण
6

विष्णु पुराण

24 कथाएँ · छह अंश

सृष्टि कैसे बनी, ध्रुव कैसे अटल हुआ, पृथु ने धरती कैसे दुही। छह अंशों में विष्णु का पूरा पुराण।

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देवी का प्राकट्य · देवी भागवत
7

देवी भागवत

27 कथाएँ

देवताओं के तेज से देवी का प्राकट्य (manifestation), और महिषासुर का अंत। शक्ति की अपनी पुराण-कथा, देवी गीता समेत।

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वसिष्ठ राम को उपदेश देते हुए
8

योग वासिष्ठ

40 कहानियाँ

वसिष्ठ राम को कहानियों से समझाते हैं कि जगत क्या है, मन क्या है, और जागना किसे कहते हैं।

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रथ पर कृष्ण और अर्जुन
9

भगवद्गीता

18 अध्याय · श्लोक-दर-श्लोक

रणभूमि के बीचोबीच अर्जुन के सवाल, और कृष्ण के उत्तर। हर श्लोक के नीचे उसकी हिन्दी।

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सिंहवाहिनी दुर्गा
10

देवी माहात्म्य

13 अध्याय

मधु-कैटभ से शुम्भ-निशुम्भ तक, तेरह अध्यायों में देवी की तीन कथाएँ, चित्रों के साथ।

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अग्नि के पास गुरु-शिष्य संवाद
11

उपनिषद्

10 प्रमुख

जंगल की आग के पास बैठे ऋषियों के सवाल। ईश से बृहदारण्यक तक, दस प्रमुख उपनिषद्।

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तत्त्वमसि · विवेकचूडामणि
12

विवेकचूडामणि

शंकराचार्य · वेदान्त

आत्मा और अनात्मा का भेद, एक-एक सीढ़ी चढ़कर। शंकर का वह ग्रंथ जो "तत्त्वमसि" को जीने का रास्ता बनाता है।

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पतञ्जलि · योग सूत्र
13

योग सूत्र

पतञ्जलि · 195 सूत्र

"चित्त की वृत्तियों का थम जाना, यही योग है।" पतञ्जलि के छोटे-छोटे सूत्र, आठ अंगों की सीधी राह।

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हनुमान चालीसा
14

हनुमान चालीसा

तुलसीदास · 40 चौपाइयाँ

चालीस चौपाइयों में पूरा हनुमान। हर पंक्ति के पीछे की कथा, और अर्थ की एक-एक गहरी परत।

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भीष्म की वाणी · विष्णु सहस्रनाम
15

विष्णु सहस्रनाम

भीष्म की वाणी · 1000 नाम

बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म, और विष्णु के हज़ार नाम। युधिष्ठिर के छह सवालों का उत्तर, नाम-दर-नाम।

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आनन्द लहरी · सौन्दर्य लहरी
16

सौन्दर्य लहरी

शंकराचार्य · 100 श्लोक

"शिव भी शक्ति के बिना हिल नहीं सकते।" सौ श्लोकों में देवी का सौन्दर्य, आनन्द-लहरी से चरण तक।

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दरबार साहिब का शांत हॉल
17

आदि ग्रंथ

जपजी से सुखमनी तक

गुरुओं और भक्तों की वाणी, अंग-दर-अंग। जपजी साहिब, सुखमनी साहिब, आनंद साहिब।

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जपजी साहिब · गुरु नानक
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जपजी साहिब

गुरु नानक · मूल वाणी

"एक ओंकार, सत नाम।" गुरु नानक की सुबह की वह वाणी, जिससे पूरा गुरु ग्रंथ शुरू होता है।

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तरीक़ा

पढ़ने का अपना अंदाज़

कहानीकार की ज़ुबान

श्लोक का अर्थ भी बचा रहे और कहानी की रवानी भी। हर पन्ना ऐसे, जैसे शाम की चाय पर कोई अपना सुना रहा हो।

इंजीनियर की नज़र

पहले ग्रंथ की बनावट, फिर पाठ। नक़्शे, कड़ियाँ और पढ़ने के क्रम, ताकि लंबे ग्रंथ में रास्ता न भटके।

जेब में, हर वक़्त

फ़ोन पर इंस्टॉल कीजिए और बिना इंटरनेट भी पढ़िए। दिन में उजली थीम, रात में स्याही जैसी गहरी।

झलकियाँ

रंग में रँगी कथाएँ

पन्नों के बीच बैठे चित्र, जो कहानी के ठीक उसी मोड़ पर मिलते हैं। किसी पर भी उँगली रखिए, कथा खुल जाएगी।

आज का वचन

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

भगवद्गीता · अध्याय 2 · श्लोक 47

हक़ काम पर है, फल पर नहीं। बस यही एक बात गाँठ बाँध लीजिए, बाक़ी गीता इसी की शरह है।

पूरा अध्याय पढ़िए

रास्ते

कहाँ से शुरू करें?

तीन रास्ते, तीन मिज़ाज। जो आपका हो, वही ठीक है।

आइए, पहला पन्ना
साथ खोलते हैं

शुरू कीजिए
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