राग वडहंस
अपराह्न का राग, शुभ-अवसरों का।
वडहंस राग अपराह्न का है, समारोह-योग्य। पंजाबी विवाह-संस्कारों में इसकी ध्वनि सुनाई देती रही है, सदियों से।
नाम का अर्थ “बड़ा हंस” है, जो इसकी राजसी प्रकृति का संकेत है। ग्रंथ में इस राग की रचनाएँ कुल-मिला कर बहुत हैं, मगर जो हैं वो विशेष-अवसर-स्मरण की भावना से भरी हैं।
“बाबा आइआ है उठि चलणा अधि पंथे ही लै घेरै ।” वडहंस M1, अलाहणी