Lulla Family

राग सारंग

राग · M1-M5 + भगत

राग सारंग

दोपहर का राग, गर्मी और लम्बाई का।

सारंग दोपहर का राग है, गर्मी और दिन की लम्बाई का स्वर। मध्यान्ह-सारंग, वृन्दावनी-सारंग, और कई दूसरे उप-राग इसी कुल के हैं।

ग्रंथ में सारंग की रचनाएँ अंग ग्यारह-सौ-अड़सठ के क़रीब से शुरू होती हैं। दोपहर की कीर्तन-संगति में अक्सर इसकी रचनाएँ गायी जाती हैं।

“हरि बिनु आपके को न सहाई ।” सारंग M5

इस राग के सब अंग

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