पाठ क्या जोड़ते हैं
हठयोगप्रदीपिका शरीर के आधार पर दबाव और संकोच को अपान की ऊर्ध्व दिशा से जोड़ती है। घेरण्डसंहिता बैठने की अधिक विशिष्ट व्यवस्था देती है। यह समन्वित हठ-अभ्यास का शब्द है, केवल उँगली की स्थिति का नाम नहीं।
अवधारणा की भाषा बनी रहे
अपान और प्राण परम्परा के सूक्ष्म-शरीर में कार्यों के नाम हैं। उन्हें पेल्विक फ़्लोर की शक्ति के सीधे चिकित्सकीय दावे से बदल देना पाठ का आशय बदल देगा। शिवानन्द भी मूलबन्ध को इन शक्तियों के मिलन और दिशा के भीतर समझाते हैं।
अश्विनी का अलग पृष्ठ क्यों
घेरण्डसंहिता अश्विनी में बार-बार संकोच और छोड़ने का वर्णन करती है। मूलबन्ध का अपना विवेचन और बन्धों में अपना स्थान है। सम्बन्ध पढ़ना उपयोगी है, पर इससे हर आधुनिक पेल्विक फ़्लोर व्यायाम इनमें से किसी का पर्याय सिद्ध नहीं होता। यह पाठ-सन्दर्भ है; नया शक्ति-वर्धक कार्यक्रम या कुम्भक की समय-सारिणी नहीं जोड़ी गई है।
एक नाम, प्रकरण में अलग स्थान
दस नामों की सूची में मूलबन्ध छठा है। इसका प्रचलित संस्कृत अंश 3.61 से 69 है। आलोचनात्मक संस्करण में यही चर्चा 3.49 से 57 पर, उड्डीयान से पहले आती है। प्राण-अपान और नाद-बिन्दु के सम्बन्ध वाला मुख्य पद्य प्रचलित गणना में 3.64 तथा आलोचनात्मक संस्करण में 3.52 है।
ये युग्म उस पद्य की योग-व्याख्या का हिस्सा हैं। नीचे अश्विनी से की गई तुलना अलग नाम वाली विधि को अलग पहचान देती है; पास-पास के वर्णनों को पर्याय नहीं बनाती।
जहाँ संस्करण का नाम नहीं दिया, वहाँ हठयोगप्रदीपिका की श्लोक-संख्या सिंह के 1914 संस्करण की संस्कृत गणना से है।
स्रोत और दायरा
आधार-संस्करण
Hatha Yoga Pradipika, chapter 3
पाठ-स्थान
- Haṭhapradīpikā Online: आलोचनात्मक संस्करण से तुलना
अध्याय 3, 3.49 से 57; जहाँ आवश्यक हो, साथ दिखाए गए अतिरिक्त पद्य भी। ऊपर की टिप्पणी सिंह की संस्कृत गणना 3.61 से 69 से सम्बन्धित भेद स्पष्ट करती है। तुलना की समीक्षा: 12 सितम्बर 2026।
- Hatha Yoga Pradipika, chapter 3
अध्याय 3, संस्कृत श्लोक 3.61 से 69।
स्वात्माराम; संस्कृत मूल और पंचम सिंह का 1914 का अंग्रेज़ी अनुवाद। अंग्रेज़ी अनुच्छेदों की गिनती कहीं-कहीं संस्कृत श्लोकों से अलग चलती है।
- Gheranda Samhita, James Mallinson (2004)
3.12 से 13, छपा पृष्ठ 66; संस्कृत डॉक्युमेंट्स में 3.14 से 17।
प्रकाशक की वेबसाइट पर दिया अंश: भूमिका और अध्याय 3, छपे पृष्ठ 60 से 71। यह पूरी पुस्तक का एक नमूना भर है।
- Gheranda Samhita, Sanskrit
3.82 से 83: अश्विनी से तुलना।
संस्कृत डॉक्युमेंट्स का लिप्यन्तरित पाठ। संख्याएँ इसी पाठ की हैं; मॅलिन्सन के संस्करण में अध्याय 3 की गिनती अलग है।
- Kundalini Yoga
“1. Mula Bandha”; “Instructions”, बिन्दु 6।
स्वामी शिवानन्द; डिवाइन लाइफ़ सोसाइटी, दसवाँ संस्करण 1994, अधिकृत वेब संस्करण 1999। पारम्परिक शिक्षण, चिकित्सकीय प्रमाण नहीं।
दायरा
पारम्परिक वर्णनों की तुलना वाला मौलिक सन्दर्भ-पाठ। यह पूरे मूल अध्याय का अनुवाद नहीं है।
सीमाएँ और पाठ-भेद
ऊपर की चर्चा में महत्त्वपूर्ण भेद स्पष्ट हैं। पारम्परिक व्याख्या और कहे गए फल अपने स्रोतों के कथन हैं, चिकित्सकीय प्रमाण नहीं। समीक्षा: 11 सितम्बर 2026।