
हारितायन संहिता · ज्ञानखण्ड
देवी, विवेक और आत्मविचार की कथा-परम्परा
त्रिपुरा रहस्य में दत्तात्रेय, परशुराम के प्रश्नों का उत्तर कथा और तर्क के सहारे देते हैं। यहाँ संगति, वैराग्य, श्रद्धा, उपासना और आत्मविचार एक ही यात्रा के क्रमिक पड़ाव बनते हैं।
स्रोत-स्पष्टता: हेमचूड़ और हेमलेखा का प्रसंग त्रिपुरा रहस्य के अध्याय 3 से 10 में है। यह योग वासिष्ठ का प्रसंग नहीं है।