Lulla Family

वाणी: महला 1

वाणी

महला 1, गुरु नानक देव जी

1469-1539 · Sikh परंपरा के संस्थापक · 974 शबद

एक रात Sultanpur Lodhi के बाहर Bein नदी में डुबकी लगाने उतरे, और तीन दिन तक वापस नहीं आए। चौथे दिन निकले, और पहला statement यह दिया, “ना कोई हिंदू, ना कोई मुसलमान।” 1499 की बात है।

उस एक sentence में पूरी Sikh परंपरा का seed है। पहले मज़हब-identity को dissolve किया, फिर नया पूछा, “तो क्या है?” जवाब आगे की 38 साल की travelling-teaching में आया, चार उदासियाँ, और जो वाणी आज ग्रंथ साहिब में 974 शबद के रूप में है।

नानक engineer नहीं थे, मगर system-thinker थे। जपजी साहिब उनकी समूची cosmology को 38 stanzas में पैक कर देती है। हुकम (universal order), नदर (grace), साच (truth), सेवा (service), इन चार pillars पर पूरा argument खड़ा है।

M1 की वाणी आदि ग्रंथ में बिखरी है, सब major रागों में। मुख्य रचनाएँ: