लुल्ला परिवारLulla Family
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सिख वाणीनाम, सेवा और एकत्व

वाणी: शेख़ फ़रीद

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वाणी

शेख़ फ़रीद

1173-1265 · पाकपट्टन, पंजाब · 4 शबद + 134 सलोक

शेख़ फ़रीद, चिश्ती सूफ़ी परंपरा के बहुत बड़े पीर। उनकी दरगाह आज पाकिस्तान के पाकपट्टन में है, हर साल हज़ारों आते हैं। मगर उनकी सबसे दिलचस्प बात: उनके 134 सलोक और 4 शबद आदि ग्रंथ में हैं, उनकी मृत्यु के लगभग चार सदी बाद पावन ग्रंथ में दर्ज।

दोपहर में रेगिस्तानी मैदान में अकेला खड़ा खजूर का पेड़
रेगिस्तान, खजूर का पेड़, खामोश दोपहर। फ़रीद का संसार बस इतना सादा।

क्यों? गुरु नानक जब अपनी उदासियों में पाकपट्टन गए थे, वहाँ शेख़ फ़रीद के वंशज (शेख़ इब्राहीम) से उनकी मुलाक़ात हुई। उन्होंने फ़रीद की वाणी की प्रतियाँ गुरु नानक को दीं। और वही प्रतियाँ गुरु अर्जन देव जी ने 1604 में संकलन में रखीं।

फ़रीद की वाणी के स्वर में मृत्यु का एहसास है, मगर मायूसी नहीं। नश्वरता पर लगातार चलता एक चिंतन। अंग 1382 का उनका एक सलोक: "फरीदा गोर निमाणी सडु करे निघरिआ घरि आउ ॥ सरपर मैथै आवणा मरणहु न डरिआहु ॥" (कब्र पुकारती है, बेघर जीव, अपने घर आइए; आख़िर आपको मेरे ही पास आना है, फिर मौत से क्या डरना।)

फ़रीद वाणी आदि ग्रंथ में:

आदि ग्रंथ में इनके शबद

हर शबद अपनी पहली पंक्ति से, राग के अनुसार, ग्रंथ के क्रम में।

आसा (2)
  1. दिलहु मुहबति जिंन॑ सेई सचिआ ॥अंग 488
  2. बोलै सेख फरीदु पिआरे अलह लगे ॥अंग 488
सूही (2)
  1. तपि तपि लुहि लुहि हाथ मरोरउ ॥अंग 794
  2. सूही ललित ॥अंग 794
सलोक और अन्य वाणी (117)
  1. जितु दिहाड़ै धन वरी साहे लए लिखाइ ॥अंग 1377
  2. फरीदा दर दरवेसी गाखड़ी चलां दुनीआं भति ॥अंग 1377
  3. किझु न बुझै किझु न सुझै दुनीआ गुझी भाहि ॥अंग 1378
  4. फरीदा जे जाणा तिल थोड़ड़े संमलि बुकु भरी ॥अंग 1378
  5. जे जाणा लड़ु छिजणा पीडी पाईं गंढि ॥अंग 1378
  6. फरीदा जे तू अकलि लतीफु काले लिखु न लेख ॥अंग 1378
  7. फरीदा जो तै मारनि मुकीआं तिन॑ा न मारे घुंमि ॥अंग 1378
  8. फरीदा जां तउ खटण वेल तां तू रता दुनी सिउ ॥अंग 1378
  9. देखु फरीदा जु थीआ दाड़ी होई भूर ॥अंग 1378
  10. देखु फरीदा जि थीआ सकर होई विसु ॥अंग 1378
  11. फरीदा अखी देखि पतीणीआं सुणि सुणि रीणे कंन ॥अंग 1378
  12. फरीदा कालंी जिनी न राविआ धउली रावै कोइ ॥अंग 1378
  13. फरीदा जिन॑ लोइण जगु मोहिआ से लोइण मै डिठु ॥अंग 1378
  14. फरीदा कूकेदिआ चांगेदिआ मती देदिआ नित ॥अंग 1378
  15. फरीदा थीउ पवाही दभु ॥अंग 1378
  16. फरीदा खाकु न निंदीऐ खाकू जेडु न कोइ ॥अंग 1378
  17. फरीदा जा लबु ता नेहु किआ लबु त कूड़ा नेहु ॥अंग 1378
  18. फरीदा जंगलु जंगलु किआ भवहि वणि कंडा मोड़ेहि ॥अंग 1378
  19. फरीदा इनी निकी जंघीऐ थल डूंगर भविओमि॑ ॥अंग 1378
  20. फरीदा राती वडीआं धुखि धुखि उठनि पास ॥अंग 1378
  21. फरीदा जे मै होदा वारिआ मिता आइड़िआं ॥अंग 1379
  22. फरीदा लोड़ै दाख बिजउरीआं किकरि बीजै जटु ॥अंग 1379
  23. फरीदा गलीए चिकड़ु दूरि घरु नालि पिआरे नेहु ॥अंग 1379
  24. भिजउ सिजउ कंबली अलह वरसउ मेहु ॥अंग 1379
  25. फरीदा मै भोलावा पग दा मतु मैली होइ जाइ ॥अंग 1379
  26. फरीदा सकर खंडु निवात गुड़ु माखिओु मांझा दुधु ॥अंग 1379
  27. फरीदा रोटी मेरी काठ की लावणु मेरी भुख ॥अंग 1379
  28. रुखी सुखी खाइ कै ठंढा पाणी पीउ ॥अंग 1379
  29. अजु न सुती कंत सिउ अंगु मुड़े मुड़ि जाइ ॥अंग 1379
  30. साहुरै ढोई ना लहै पेईऐ नाही थाउ ॥अंग 1379
  31. साहुरै पेईऐ कंत की कंतु अगंमु अथाहु ॥अंग 1379
  32. नाती धोती संबही सुती आइ नचिंदु ॥अंग 1379
  33. जोबन जांदे ना डरां जे सह प्रीति न जाइ ॥अंग 1379
  34. फरीदा चिंत खटोला वाणु दुखु बिरहि विछावण लेफु ॥अंग 1379
  35. बिरहा बिरहा आखीऐ बिरहा तू सुलतानु ॥अंग 1379
  36. फरीदा ए विसु गंदला धरीआं खंडु लिवाड़ि ॥अंग 1379
  37. फरीदा चारि गवाइआ हंढि कै चारि गवाइआ संमि ॥अंग 1379
  38. फरीदा दरि दरवाजै जाइ कै किउ डिठो घड़ीआलु ॥अंग 1379
  39. घड़ीए घड़ीए मारीऐ पहरी लहै सजाइ ॥अंग 1379
  40. बुढा होआ सेख फरीदु कंबणि लगी देह ॥अंग 1380
  41. फरीदा बारि पराइऐ बैसणा सांई मुझै न देहि ॥अंग 1380
  42. कंधि कुहाड़ा सिरि घड़ा वणि कै सरु लोहारु ॥अंग 1380
  43. फरीदा इकना आटा अगला इकना नाही लोणु ॥अंग 1380
  44. पासि दमामे छतु सिरि भेरी सडो रड ॥अंग 1380
  45. फरीदा कोठे मंडप माड़ीआ उसारेदे भी गए ॥अंग 1380
  46. फरीदा खिंथड़ि मेखा अगलीआ जिंदु न काई मेख ॥अंग 1380
  47. फरीदा दुहु दीवी बलंदिआ मलकु बहिठा आइ ॥अंग 1380
  48. फरीदा वेखु कपाहै जि थीआ जि सिरि थीआ तिलाह ॥अंग 1380
  49. फरीदा कंनि मुसला सूफु गलि दिलि काती गुड़ु वाति ॥अंग 1380
  50. फरीदा रती रतु न निकलै जे तनु चीरै कोइ ॥अंग 1380
  51. फरीदा सोई सरवरु ढूढि लहु जिथहु लभी वथु ॥अंग 1380
  52. फरीदा नंढी कंतु न राविओ वडी थी मुईआसु ॥अंग 1380
  53. फरीदा सिरु पलिआ दाड़ी पली मुछां भी पलीआं ॥अंग 1380
  54. फरीदा कोठे धुकणु केतड़ा पिर नीदड़ी निवारि ॥अंग 1380
  55. फरीदा कोठे मंडप माड़ीआ एतु न लाए चितु ॥अंग 1380
  56. फरीदा मंडप मालु न लाइ मरग सताणी चिति धरि ॥अंग 1380
  57. फरीदा जिन॑ी कंमी नाहि गुण ते कंमड़े विसारि ॥अंग 1381
  58. फरीदा साहिब दी करि चाकरी दिल दी लाहि भरांदि ॥अंग 1381
  59. फरीदा काले मैडे कपड़े काला मैडा वेसु ॥अंग 1381
  60. तती तोइ न पलवै जे जलि टुबी देइ ॥अंग 1381
  61. जां कुआरी ता चाउ वीवाही तां मामले ॥अंग 1381
  62. कलर केरी छपड़ी आइ उलथे हंझ ॥अंग 1381
  63. हंसु उडरि कोध्रै पइआ लोकु विडारणि जाइ ॥अंग 1381
  64. चलि चलि गईआं पंखीआं जिन॑ी वसाए तल ॥अंग 1381
  65. फरीदा इट सिराणे भुइ सवणु कीड़ा लड़िओ मासि ॥अंग 1381
  66. फरीदा भंनी घड़ी सवंनवी टुटी नागर लजु ॥अंग 1381
  67. फरीदा भंनी घड़ी सवंनवी टूटी नागर लजु ॥अंग 1381
  68. फरीदा बे निवाजा कुतिआ एह न भली रीति ॥अंग 1381
  69. उठु फरीदा उजू साजि सुबह निवाज गुजारि ॥अंग 1381
  70. जो सिरु साई ना निवै सो सिरु कीजै कांइ ॥अंग 1381
  71. फरीदा किथै तैडे मापिआ जिन॑ी तू जणिओहि ॥अंग 1381
  72. फरीदा मनु मैदानु करि टोए टिबे लाहि ॥अंग 1381
  73. फरीदा जि दिहि नाला कपिआ जे गलु कपहि चुख ॥अंग 1381
  74. चबण चलण रतंन से सुणीअर बहि गए ॥अंग 1381
  75. फरीदा बुरे दा भला करि गुसा मनि न हढाइ ॥अंग 1381
  76. फरीदा पंख पराहुणी दुनी सुहावा बागु ॥अंग 1382
  77. फरीदा राति कथूरी वंडीऐ सुतिआ मिलै न भाउ ॥अंग 1382
  78. फरीदा मै जानिआ दुखु मुझ कू दुखु सबाइऐ जगि ॥अंग 1382
  79. कंधी वहण न ढाहि तउ भी लेखा देवणा ॥अंग 1382
  80. फरीदा डुखा सेती दिहु गइआ सूलां सेती राति ॥अंग 1382
  81. लंमी लंमी नदी वहै कंधी केरै हेति ॥अंग 1382
  82. फरीदा गलंी सु सजण वीह इकु ढूंढेदी न लहां ॥अंग 1382
  83. फरीदा इहु तनु भउकणा नित नित दुखीऐ कउणु ॥अंग 1382
  84. फरीदा रब खजूरी पकीआं माखिअ नई वहंनि॑ ॥अंग 1382
  85. फरीदा तनु सुका पिंजरु थीआ तलीआं खूंडहि काग ॥अंग 1382
  86. कागा करंग ढंढोलिआ सगला खाइआ मासु ॥अंग 1382
  87. कागा चूंडि न पिंजरा बसै त उडरि जाहि ॥अंग 1382
  88. फरीदा गोर निमाणी सडु करे निघरिआ घरि आउ ॥अंग 1382
  89. एनी लोइणी देखदिआ केती चलि गई ॥अंग 1382
  90. आपु सवारहि मै मिलहि मै मिलिआ सुखु होइ ॥अंग 1382
  91. कंधी उतै रुखड़ा किचरकु बंनै धीरु ॥अंग 1382
  92. फरीदा महल निसखण रहि गए वासा आइआ तलि ॥अंग 1382
  93. फरीदा मउतै दा बंना एवै दिसै जिउ दरीआवै ढाहा ॥अंग 1383
  94. फरीदा दरीआवै कंन॑ै बगुला बैठा केल करे ॥अंग 1383
  95. साढे त्रै मण देहुरी चलै पाणी अंनि ॥अंग 1383
  96. फरीदा हउ बलिहारी तिन॑ पंखीआ जंगलि जिंन॑ा वासु ॥अंग 1383
  97. फरीदा रुति फिरी वणु कंबिआ पत झड़े झड़ि पाहि ॥अंग 1383
  98. फरीदा पाड़ि पटोला धज करी कंबलड़ी पहिरेउ ॥अंग 1383
  99. फरीदा पिछल राति न जागिओहि जीवदड़ो मुइओहि ॥अंग 1383
  100. पहिलै पहरै फुलड़ा फलु भी पछा राति ॥अंग 1384
  101. दाती साहिब संदीआ किआ चलै तिसु नालि ॥अंग 1384
  102. ढूढेदीए सुहाग कू तउ तनि काई कोर ॥अंग 1384
  103. सबर मंझ कमाण ए सबरु का नीहणो ॥अंग 1384
  104. सबर अंदरि साबरी तनु एवै जालेनि॑ ॥अंग 1384
  105. सबरु एहु सुआउ जे तूं बंदा दिड़ु करहि ॥अंग 1384
  106. फरीदा दरवेसी गाखड़ी चोपड़ी परीति ॥अंग 1384
  107. तनु तपै तनूर जिउ बालणु हड बलंनि॑ ॥अंग 1384
  108. तनु न तपाइ तनूर जिउ बालणु हड न बालि ॥अंग 1384
  109. हउ ढूढेदी सजणा सजणु मैडे नालि ॥अंग 1384
  110. हंसा देखि तरंदिआ बगा आइआ चाउ ॥अंग 1384
  111. मै जाणिआ वड हंसु है तां मै कीता संगु ॥अंग 1384
  112. किआ हंसु किआ बगुला जा कउ नदरि धरे ॥अंग 1384
  113. सरवर पंखी हेकड़ो फाहीवाल पचास ॥अंग 1384
  114. कवणु सु अखरु कवणु गुणु कवणु सु मणीआ मंतु ॥अंग 1384
  115. मति होदी होइ इआणा ॥अंग 1384
  116. इकु फिका न गालाइ सभना मै सचा धणी ॥अंग 1384
  117. सभना मन माणिक ठाहणु मूलि मचांगवा ॥अंग 1384