Lulla Family

वाणी: महला 5

वाणी

महला 5, गुरु अर्जन देव जी

1563-1606 · पाँचवें गुरु · आदि ग्रंथ के संकलनकर्ता · पहले शहीद · 2218 शबद

30 May 1606, Lahore। तपती गर्मी। मुग़ल बादशाह जहाँगीर ने गुरु अर्जन देव जी को पाँच दिनों तक यातना दी, तपते रेत पर बिठाना, उबलते पानी में डालना, गर्म तवा पर बैठाना। पाँचवें दिन उनको रावी नदी में ठंडे पानी से नहाने के लिए छोड़ा। वो उतरे, और लौटे नहीं। यही Sikh परंपरा का पहला शहादत है।

उनकी ज़िंदगी के दो सबसे बड़े काम: (1) 1604 में आदि ग्रंथ का संकलन पूरा किया, और हरमंदिर साहिब में स्थापित किया। (2) सुखमनी साहिब लिखी, 24 अष्टपदियाँ, अंग 262-296 पर। यह आज भी Sikh परंपरा का सबसे recited पाठ है।

आदि ग्रंथ में M5 के 2,218 शबद हैं, यानी पूरे ग्रंथ का लगभग एक-तिहाई। उनकी वाणी की range असाधारण है, philosophical, devotional, household-practical, सब।