Lulla Family

वाणी: महला 4

वाणी

महला 4, गुरु राम दास जी

1534-1581 · चौथे गुरु · अमृतसर के संस्थापक · 638 शबद

गुरु राम दास का असली नाम भाई जेठा था, अमर दास जी के दामाद। 1574 में गुरुगद्दी मिली। पहला बड़ा काम: एक नया शहर बसाना। “रामदासपुर” नाम था पहले। आज उसे हम अमृतसर कहते हैं।

उन्होंने अमृत-सरोवर (sacred pool) खोदा, और उसी के बीच में हरमंदिर साहिब का foundation रखा। यह decision symbolic था, गुरु ने temple को earth का स्तर पर रखा, ऊँचाई पर नहीं। नीचे जा कर ही ऊपर पहुँचा जाता है।

उनकी सबसे famous रचना “लावां” है, चार stanza-विवाह-गीत। आज भी हर Sikh शादी में पढ़ी जाती है। दूल्हा-दुल्हन Granth Sahib के around चार बार प्रदक्षिणा करते हैं, हर बार एक लावां सुनते हुए।

638 शबद आदि ग्रंथ में। उनके अलावा 31 वारों में से कई इन्होंने compose कीं।

M4 की मुख्य रचनाएँ: