यहाँ नाम किसका है
हठयोगप्रदीपिका और घेरण्डसंहिता जीभ से सम्बन्धित मुद्रा तथा एकाग्र दृष्टि का वर्णन करती हैं। विस्तृत अंशों में जीभ की चीर-फाड़ वाली तैयारी भी आती है। यह गम्भीर ऐतिहासिक सामग्री है, हाथ का छोटा सजावटी संकेत नहीं। शिवानन्द इसे विशेष निर्देश की अपेक्षा रखने वाली उन्नत विधियों में रखते हैं।
नभो से तुलना काम आती है
शिवानन्द अपने निर्देशों में ऊपर रखी जीभ की स्थिति को अलग से नभो कहते हैं। घेरण्डसंहिता भी नभो को अलग नाम देती है। इसलिए तालु का साधारण स्पर्श खेचरी के लम्बे वर्णन का हर अंग पूरा करता है, ऐसा कहना ठीक नहीं। पाठ और चरण, दोनों का भेद महत्त्व रखता है।
विलक्षण फलों को कैसे पढ़ें
ग्रन्थ खेचरी को अमृत तथा भूख, जरा या मृत्यु से मुक्ति से जोड़ते हैं। ये सूक्ष्म-शरीर और मुक्ति-दृष्टि के कथन हैं, प्रमाणित शरीर-विज्ञान नहीं। खेचरी को उसके सम्बन्धों और पाठ-स्थानों से पढ़िए; चीर-फाड़, खींचने या भीतर पहुँचाने के निर्देश दोहराए नहीं गए हैं। पास का नभो-पृष्ठ सम्बन्धित शब्द स्पष्ट करता है; दोनों में से किसी को पढ़कर शरीर की रचना बदलने की ओर न जाइए।
श्लोक-संख्या क्यों बदलती है
प्रचलित संस्कृत गणना में खेचरी का प्रकरण 3.32 से 54 है; आलोचनात्मक संस्करण की मुख्य गणना में 3.32 से 48, जिसके साथ अतिरिक्त प्रचलित पद्य भी दिखाए गए हैं। नाम की व्याख्या चित्त और जीभ के ख, अर्थात् आकाश, में विचरण से होती है (सिंह की संस्कृत गणना 3.41; आलोचनात्मक संस्करण 3.37)। ग्रन्थ की अपनी व्याख्या में शरीर का वर्णन और ध्यान साथ आते हैं।
सन्दर्भ खोलते समय संस्करण का नाम भी देखिए: 3.41 दोनों में एक ही पद्य नहीं है। नीचे नभो से की गई तुलना नामित विधियों का अलग प्रश्न है; उससे दोनों नामों को मिला देना उचित नहीं होगा।
जहाँ संस्करण का नाम नहीं दिया, वहाँ हठयोगप्रदीपिका की श्लोक-संख्या सिंह के 1914 संस्करण की संस्कृत गणना से है।
स्रोत और दायरा
आधार-संस्करण
Hatha Yoga Pradipika, chapter 3
पाठ-स्थान
- Haṭhapradīpikā Online: आलोचनात्मक संस्करण से तुलना
अध्याय 3, 3.32 से 48; जहाँ आवश्यक हो, साथ दिखाए गए अतिरिक्त पद्य भी। ऊपर की टिप्पणी सिंह की संस्कृत गणना 3.32 से 54 से सम्बन्धित भेद स्पष्ट करती है। तुलना की समीक्षा: 12 सितम्बर 2026।
- Hatha Yoga Pradipika, chapter 3
अध्याय 3, संस्कृत श्लोक 3.32 से 54।
स्वात्माराम; संस्कृत मूल और पंचम सिंह का 1914 का अंग्रेज़ी अनुवाद। अंग्रेज़ी अनुच्छेदों की गिनती कहीं-कहीं संस्कृत श्लोकों से अलग चलती है।
- Gheranda Samhita, James Mallinson (2004)
3.21 से 28, छपे पृष्ठ 68 से 69; संस्कृत डॉक्युमेंट्स में 3.25 से 32।
प्रकाशक की वेबसाइट पर दिया अंश: भूमिका और अध्याय 3, छपे पृष्ठ 60 से 71। यह पूरी पुस्तक का एक नमूना भर है।
- Kundalini Yoga
“9. Khechari Mudra”; “Instructions”, बिन्दु 4 से 7।
स्वामी शिवानन्द; डिवाइन लाइफ़ सोसाइटी, दसवाँ संस्करण 1994, अधिकृत वेब संस्करण 1999। पारम्परिक शिक्षण, चिकित्सकीय प्रमाण नहीं।
दायरा
पारम्परिक वर्णनों की तुलना वाला मौलिक सन्दर्भ-पाठ। यह पूरे मूल अध्याय का अनुवाद नहीं है।
सीमाएँ और पाठ-भेद
ऊपर की चर्चा में महत्त्वपूर्ण भेद स्पष्ट हैं। पारम्परिक व्याख्या और कहे गए फल अपने स्रोतों के कथन हैं, चिकित्सकीय प्रमाण नहीं। समीक्षा: 11 सितम्बर 2026।