लुल्ला परिवारLulla Family
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सिख वाणीनाम, सेवा और एकत्व

राग बैराड़ी

राग · M4

राग बैरारी

सुबह का राग, उत्साह की धुन।

बैरारी राग सुबह का है, एक तरह के उत्साह से भरा। नाम वैरागी संत-परम्परा से जुड़ा बताया जाता है, हालाँकि निश्चय कठिन है।

ग्रंथ में इसकी रचनाएँ कम हैं, मगर जो हैं वो एक चलने को तैयार स्वर में हैं।

"हरि जनु राम नाम गुन गावै ।" बैरारी M4
इस राग के सब अंग

इस राग के शबद

हर शबद अपनी पहली पंक्ति से, वाणी के अनुसार। पंक्ति पर जाने से वह शबद अपने अंग पर खुलता है।

महला 4 (6)
  1. सुनि मन अकथ कथा हरि नाम ॥अंग 719
  2. मन मिलि संत जना जसु गाइओ ॥अंग 719
  3. हरि जनु राम नाम गुन गावै ॥अंग 719
  4. जपि मन राम नामु निसतारा ॥अंग 720
  5. जपि मन हरि निरंजनु निरंकारा ॥अंग 720
  6. जपि मन हरि हरि नामु नित धिआइ ॥अंग 720
महला 5 (1)
  1. संत जना मिलि हरि जसु गाइओ ॥अंग 720

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