वाल्मीकि रामायण · चित्र-पट
रामायण, एक नज़र में
सात काण्ड, 34 अध्याय, एक ही चलते पट पर। कोई 2 मिनट की यात्रा; जिस चित्र पर मन ठहर जाए, उसे छूते ही पूरा अध्याय खुल जाएगा।
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बाल काण्डअध्याय 1 से 5
बाल काण्ड · अध्याय 1दशरथ का पुत्रेष्टि-यज्ञ व पुत्र-जन्म
बाल काण्ड · अध्याय 2विश्वामित्र, ताड़का-वध, यज्ञ-रक्षा
बाल काण्ड · अध्याय 3अहल्या-उद्धार व मार्ग की कथाएँ
बाल काण्ड · अध्याय 4मिथिला, शिव-धनुष-भंग, सीता-विवाह
बाल काण्ड · अध्याय 5परशुराम व अयोध्या-वापसी
अयोध्या काण्डअध्याय 6 से 10
अयोध्या काण्ड · अध्याय 6राज्याभिषेक की तैयारी
अयोध्या काण्ड · अध्याय 7मंथरा, कैकेयी, दो वरदान
अयोध्या काण्ड · अध्याय 8राम का वन-गमन, नगर का विलाप, गुह, चित्रकूट
अयोध्या काण्ड · अध्याय 9दशरथ की मृत्यु
अयोध्या काण्ड · अध्याय 10भरत का आगमन, पादुका
अरण्य काण्डअध्याय 11 से 14
अरण्य काण्ड · अध्याय 11दंडकारण्य, विराध, अगस्त्य
अरण्य काण्ड · अध्याय 12पंचवटी, शूर्पणखा, खर-दूषण-वध
अरण्य काण्ड · अध्याय 13मारीच, स्वर्ण-मृग, सीता-हरण
अरण्य काण्ड · अध्याय 14जटायु, कबंध, शबरी
किष्किन्धा काण्डअध्याय 15 से 18
किष्किन्धा काण्ड · अध्याय 15हनुमान-राम भेंट, सुग्रीव-मैत्री
किष्किन्धा काण्ड · अध्याय 16वाली-वध
किष्किन्धा काण्ड · अध्याय 17वर्षा, सुग्रीव का प्रमाद, सीता-खोज की दिशाएँ
किष्किन्धा काण्ड · अध्याय 18संपाति, समुद्र-तट
सुन्दर काण्डअध्याय 19 से 22
सुन्दर काण्ड · अध्याय 19समुद्र-लंघन (मैनाक, सुरसा, सिंहिका)
सुन्दर काण्ड · अध्याय 20लंका-प्रवेश व नगर-दर्शन
सुन्दर काण्ड · अध्याय 21अशोक-वाटिका, सीता-दर्शन, मुद्रिका
सुन्दर काण्ड · अध्याय 22लंका-दहन व वापसी
युद्ध काण्डअध्याय 23 से 29
युद्ध काण्ड · अध्याय 23विभीषण-शरणागति
युद्ध काण्ड · अध्याय 24सेतु-बंध
युद्ध काण्ड · अध्याय 25लंका-घेरा व प्रारंभिक युद्ध
युद्ध काण्ड · अध्याय 26कुम्भकर्ण
युद्ध काण्ड · अध्याय 27इन्द्रजित्, लक्ष्मण-मूर्च्छा, संजीवनी
युद्ध काण्ड · अध्याय 28रावण-वध
युद्ध काण्ड · अध्याय 29अग्नि-परीक्षा व अयोध्या-वापसी, राज्याभिषेक
उत्तर काण्डअध्याय 30 से 34
उत्तर काण्ड · अध्याय 30रावण-कुल का पूर्वचरित्र
उत्तर काण्ड · अध्याय 31राम-राज्य व सीता-निर्वासन
उत्तर काण्ड · अध्याय 32वाल्मीकि-आश्रम, लव-कुश का जन्म
उत्तर काण्ड · अध्याय 33अश्वमेध, लव-कुश का गान, सीता का धरती-प्रवेश
उत्तर काण्ड · अध्याय 34राम का स्वधाम-गमन
यात्रा यहाँ पूरी हुई
अब वही कथा, शब्दों में
चित्रों का पट यहीं थमता है। पूरा विस्तार अध्यायों में आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।