॥ सलोकु ॥ करण कारण समरथु है कहु नानक बीचारि ॥ कारणु करते वसि है जिनि कल राखी धारि ॥१॥
[ इस अंग की गहरी चिंतना ]
“करण कारण समरथु है।” “करण (process) और कारण (cause) दोनों में समर्थ है।”
process और cause, दोनों उसी के control में। यह philosophical statement है।
दिल्ली में हम सब “means and ends” debate करते हैं। “अच्छे ends के लिए कोई भी means okay है?” यह तब relevant होता है जब हम doers हैं। अगर doer कोई और है, यह debate ही dissolve होता है।
गुरु अर्जन कह रहे हैं, doer कोई और है। तो means-ends debate भी उसी की है।
“कारणु करते वसि है।” “कारण करता के वसि (control) में है।” सब causes हरि के control में।
“जिनि कल राखी धारि।” “जिसने कल (मशीन, system) धारि (धारी, hold की)।”
closing metaphor: पूरी सृष्टि एक machinery है। उसने design की।
दिल्ली के engineers और architects को यह relatable है। एक complex system, हर part interconnected, हर gear depending on others। designer एक है। नानक उसी image use कर रहे हैं cosmic scale पर।
और यह “कल” (machine) word interesting है। आधुनिक feel। नानक की language अद्भुत modern लगती है इस पंक्ति में।
[ इस अंग पर एक और मनन ]
इस अंग का key word “करण कारण।” process और cause।
दिल्ली में हम सब “means-ends” debate करते हैं। “अच्छे ends के लिए कोई भी means okay है?”
नानक एक different stance लेते हैं। दोनों उसी के हाथ। तो debate ही dissolve होती है।
“कल राखी धारि।” “कल (मशीन) धारी।” पूरी सृष्टि एक machinery है।
दिल्ली के engineers को यह metaphor बहुत relatable है। complex system, interconnected parts, single designer।
और “कल” शब्द में modernity है। यह 16वीं सदी की language में बहुत आधुनिक feel देता है।
“करण कारण समरथु है।” “‘करण’ और ‘कारण’ दोनों में ‘समर्थ’ है।”
process और cause, दोनों उसी के control में।
यह philosophical statement है। “करण” = means/instrument, “कारण” = cause/agent। सब उसी की hand में।
दिल्ली में हम सब “means and ends” debate करते हैं। “अच्छे ends के लिए कोई भी means okay है?” यह तब relevant होता है जब हम doers हैं। अगर doer कोई और है, यह debate ही dissolve होता है।
“कहु नानक बीचारि।” “नानक कहता है, विचार।”
instruction: यह विचार कर। contemplate this।
“कारणु करते वसि है।” “‘कारण’ करता के ‘वसि’ (control) में है।”
सब causes हरि के control में।
“जिनि कल राखी धारि।” “जिसने ‘कल’ (मशीन, system) ‘धारि’ (धारी, hold की)।”
closing metaphor: पूरी सृष्टि एक machinery है। उसने design की।
दिल्ली के engineers और architects को यह relatable है। एक complex system, हर part interconnected, हर gear depending on others। designer एक है। नानक उसी image use कर रहे हैं cosmic scale पर।