नक्शा दाएँ-बाएँ सरकाइए
वही दीप, सूची में
नक्शे के सब ठिकाने यहाँ क्रम से रखे हैं।
रामायण की भूमि
- अयोध्या सरयू किनारे की नगरी, यहीं से राम-कथा उठती है। अध्याय 1
- मिथिला जनक की सभा, जहाँ धनुष टूटा और सीता मिलीं। अध्याय 4
- चित्रकूट वनवास के पहले बरस, यहीं भरत मनाने आये। अध्याय 10
- पंचवटी गोदावरी तट की कुटिया, यहीं से सीता हरी गयीं। अध्याय 13
- किष्किन्धा वानरों का देस, यहीं हनुमान से भेंट हुई। अध्याय 15
- लंका समुद्र पार सोने की नगरी, रावण का गढ़। अध्याय 20
- रामेश्वर सेतु नाम लिखते ही पत्थर तैर गये, सेतु बँध गया। अध्याय 24