इस पुस्तकालय का रूप
तर्जनी और मध्यमा भीतर मुड़ती हैं। अँगूठा दायीं नासिका के पास और साथ रखी अनामिका तथा कनिष्ठिका बायीं ओर काम आती हैं। शिवानन्द कम्पैनियन में यह विष्णु मुद्रा है और पुस्तकालय के पूरे अनुलोम विलोम पाठ में यही रूप है। उँगलियाँ स्पष्ट रहें, इसलिए चित्र में हाथ अलग दिखाया गया है।
नाम के साथ स्रोत क्यों
2026 का सामान्य योग प्रोटोकॉल इससे मिलती, मुड़ी उँगलियों वाली आकृति को नासाग्र मुद्रा कहता है। ICYER में विष्णु नाम मध्यमा को भ्रूमध्य पर रखने वाली अलग स्थिति के लिए है। यह नाम-पद्धति का वास्तविक भेद है। यहाँ आकृतियाँ मिलाई नहीं गई हैं, न केवल नाम सुनकर उँगली की स्थिति तय करने को कहा गया है।
पूरी विधि के साथ उपयोग
हाथ का चित्र नहीं बताता कि नासिका कब बदलनी है, क्रम किस ओर से शुरू होगा या किसी विशेष शिक्षण में कुम्भक है या नहीं। अनुलोम विलोम के जुड़े पृष्ठ पर हल्के स्पर्श और सावधानियों सहित पूरा, बिना कुम्भक का क्रम है। अभ्यास के लिए वहाँ लौटिए; हाथ समझने के लिए यह पृष्ठ है। उँगलियों से किसी अंग या हार्मोन पर प्रभाव का दावा नहीं किया गया है।
स्रोत और दायरा
आधार-संस्करण
The Sivananda Companion to Yoga
इस प्रस्तुति का पाठ
- The Sivananda Companion to Yoga
“The Vishnu Mudra,” printed p. 73.
Sivananda Yoga Vedanta Centre, 1983, “The Vishnu Mudra,” printed p. 73. Edition scan hosted by Friends of Tibet.
- Common Yoga Protocol (2026)
Nasagra hand position, printed p. 41.
Ministry of Ayush, Government of India. Printed-page coordinates are 15 lower than PDF-page numbers. Modern teaching protocol.
- Basic Practice of Some Pranayamas
“Mudras for pranayama,” items 5–6, PDF p. 3.
Ananda Balayogi Bhavanani, International Centre for Yoga Education and Research. Source page numbering refers to the PDF; hand descriptions compared independently.
इस प्रस्तुति का दायरा
हाथ की इस आकृति का मौलिक परिचय, स्रोतों की तुलना और सरल रेखाचित्र सहित।
सीमाएँ और पाठ-भेद
ऊपर की चर्चा में महत्त्वपूर्ण भेद स्पष्ट हैं। पारम्परिक व्याख्या और कहे गए फल अपने स्रोतों के कथन हैं, चिकित्सकीय प्रमाण नहीं। समीक्षा: 11 सितम्बर 2026।