कुर्सी पर योग / 13 गतियाँ

शक्ति और दैनिक गति

सीधे बैठना, हाथ बढ़ाना, पैर चलाना और कुर्सी से उठना। कुछ गतियाँ तैयारी के लिए हैं; अधिक प्रयास वाले चरण अलग चिह्नित हैं।

पहले तैयारी और सावधानियाँ पढ़ें। कुर्सी स्थिर और श्वास सहज रहे।

01

बैठकर

बैठकर ऊर्ध्व विस्तार

ताड़ासन से प्रेरित कुर्सी-अभ्यास

बैठने का आधार पहचानिए। तलवों से सिर तक शरीर को जगह दीजिए, बिना अकड़े।

बैठकर ऊर्ध्व विस्तार। बैठने का आधार पहचानिए। तलवों से सिर तक शरीर को जगह दीजिए, बिना अकड़े।
चित्र गति का संकेत है। अपने शरीर की सहज सीमा में रहें; चित्र जितना झुकना या उठना आवश्यक नहीं।

तैयारी

कुर्सी के अगले आधे हिस्से पर बैठें। पैरों में कूल्हों जितना फ़ासला हो, घुटने टखनों के ऊपर और हाथ जाँघों पर रहें।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए बैठने की हड्डियों से सिर के शिखर तक हल्का विस्तार अनुभव करें।
  2. साँस छोड़ते हुए पसलियों को सहज रखें। दोनों तलवों का दबाव बराबर रहने दें।
  3. साँस लेते हुए हाथ सामने से ऊपर उठाएँ, केवल उतना जहाँ कंधे सहज रहें।
  4. साँस छोड़ते हुए हाथ जाँघों पर लौटाएँ। छाती को ढहने न दें।

श्वास और मात्रा
सीधे बैठे हुए 3 से 5 सहज श्वास लें।

अभ्यास को समझिए

ताड़ासन की खड़े रहने वाली आकृति यहाँ कुर्सी के सहारे बदली गई है। ध्यान शरीर को तानने पर नहीं, आधार और सहज विस्तार को साथ रखने पर है।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

02

बैठकर

पीठ को हल्का गोल करना और खोलना

मार्जारी गति का बैठा हुआ रूप

कूल्हों का सहारा बना रहे और रीढ़ में छोटी, धीमी गति आए।

पीठ को हल्का गोल करना और खोलना। कूल्हों का सहारा बना रहे और रीढ़ में छोटी, धीमी गति आए।
चित्र गति का संकेत है। अपने शरीर की सहज सीमा में रहें; चित्र जितना झुकना या उठना आवश्यक नहीं।

तैयारी

कुर्सी के अगले हिस्से पर बैठें। तलवे ज़मीन पर और हथेलियाँ जाँघों पर रखें।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए श्रोणि, यानी कूल्हों का आधार, थोड़ा आगे झुकाएँ। हँसली के पास जगह बनाएँ और छाती हल्की उठाएँ।
  2. साँस छोड़ते हुए श्रोणि थोड़ा पीछे करें। पेट को हल्का भीतर लेते हुए पीठ का मध्य भाग गोल करें।
  3. इन दोनों स्थितियों के बीच धीरे आएँ-जाएँ। सिर को पीछे झटका न दें।

श्वास और मात्रा
6 से 8 बार आगे और पीछे की गति करें; आवश्यकता हो तो कम बार।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

03

बैठकर

छाती खोलना, कंधे पीछे लाना

भुजंगासन से प्रेरित बैठा हुआ रूप

छाती में थोड़ी जगह बनाइए और कंधों के पीछे की गति पहचानिए। कमर को दबाना आवश्यक नहीं।

छाती खोलना, कंधे पीछे लाना। छाती में थोड़ी जगह बनाइए और कंधों के पीछे की गति पहचानिए। कमर को दबाना आवश्यक नहीं।
चित्र गति का संकेत है। अपने शरीर की सहज सीमा में रहें; चित्र जितना झुकना या उठना आवश्यक नहीं।

तैयारी

तलवे टिकाकर सीधे बैठें। कोहनियाँ समकोण पर मोड़ें; ऊपरी बाँहें पसलियों के पास रखें।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए रीढ़ को सहज लंबाई दें।
  2. साँस छोड़ते हुए कोहनियाँ और कंधों के पीछे की हड्डियाँ हल्की पीछे लाएँ। छाती थोड़ी उठे।
  3. साँस लेते हुए कोहनियाँ वापस पसलियों के पास लाएँ। गर्दन सहज और लंबी रहे।

श्वास और मात्रा
6 से 8 बार करें।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

04

बैठकर

कुर्सी पर वीरभद्र की पहली स्थिति

वीरभद्रासन 1 से प्रेरित रूप

एक पैर आगे, दूसरा पीछे। शरीर का भार कुर्सी सँभाले और दोनों पैरों का आधार बना रहे।

कुर्सी पर वीरभद्र की पहली स्थिति। एक पैर आगे, दूसरा पीछे। शरीर का भार कुर्सी सँभाले और दोनों पैरों का आधार बना रहे।
चित्र गति का संकेत है। अपने शरीर की सहज सीमा में रहें; चित्र जितना झुकना या उठना आवश्यक नहीं।

तैयारी

कुर्सी पर बगल की ओर बैठें। सामने का घुटना टखने के ऊपर रखें। बाहरी पैर पीछे बढ़ाएँ और उसके पंजे का अगला भाग ज़मीन पर टिकाएँ।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए धड़ को सीधा और सहज रखें।
  2. साँस छोड़ते हुए दोनों पैरों से फ़र्श पर हल्का दबाव दें। कुर्सी हिलनी नहीं चाहिए।
  3. साँस लेते हुए हाथ ऊपर उठाएँ, या उन्हें कमर पर ही रखें।
  4. साँस छोड़कर हाथ नीचे लाएँ। फिर पैर समेटें और दूसरी ओर करें।

श्वास और मात्रा
प्रत्येक ओर 3 सहज श्वास तक रहें।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

05

बैठकर

कुर्सी पर वीरभद्र की दूसरी स्थिति

वीरभद्रासन 2 से प्रेरित रूप

पैरों का फैला हुआ आधार और दोनों ओर खुली बाँहें। स्थिरता बनाए रखिए; चौड़ाई अपनी सुविधा से चुनिए।

कुर्सी पर वीरभद्र की दूसरी स्थिति। पैरों का फैला हुआ आधार और दोनों ओर खुली बाँहें। स्थिरता बनाए रखिए; चौड़ाई अपनी सुविधा से चुनिए।
चित्र गति का संकेत है। अपने शरीर की सहज सीमा में रहें; चित्र जितना झुकना या उठना आवश्यक नहीं।

तैयारी

कुर्सी के किनारे के पास बगल की ओर बैठें। सामने का घुटना टखने के ऊपर मोड़ें। दूसरा पैर बगल में खोलें और तलवा टिकाएँ।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए बाँहें दोनों ओर कंधे की ऊँचाई तक फैलाएँ।
  2. साँस छोड़ते हुए तलवों का दबाव महसूस करें। धड़ कूल्हों के ऊपर रहे।
  3. अगली साँस में उँगलियों की दिशा में हल्का विस्तार दें; कंधे न चढ़ाएँ।
  4. साँस छोड़कर हाथ नीचे करें। पैर समेटकर दूसरी ओर दोहराएँ।

श्वास और मात्रा
प्रत्येक ओर 3 से 5 सहज श्वास तक रहें।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

06

बैठकर

एक-एक घुटना सीधा करना

बैठकर पैर का नियंत्रित विस्तार

जाँघ के सामने की मांसपेशियों से पैर उठता है। धड़ को पीछे फेंके बिना इस काम को पहचानिए।

एक-एक घुटना सीधा करना। जाँघ के सामने की मांसपेशियों से पैर उठता है। धड़ को पीछे फेंके बिना इस काम को पहचानिए।
चित्र गति का संकेत है। अपने शरीर की सहज सीमा में रहें; चित्र जितना झुकना या उठना आवश्यक नहीं।

तैयारी

दोनों तलवे टिकाकर सीधे बैठें। कुर्सी के दोनों किनारे हल्के पकड़ें।

कैसे करें

  1. साँस लेकर धड़ सीधा रखें।
  2. साँस छोड़ते हुए दायाँ घुटना सीधा करें। पैर जितना सहज उठे उतना ही; ज़मीन के समानांतर लाना अनिवार्य नहीं।
  3. साँस लेते हुए पैर धीरे नीचे रखें।
  4. यही गति बाएँ पैर से करें।

श्वास और मात्रा
प्रत्येक ओर 6 से 8 बार, या सहज लगे तो उससे कम।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

07

बैठकर

बैठकर कदमताल

बारी-बारी पैर उठाना

पैर बदलते रहें, धड़ स्थिर रहे। चलने में काम आने वाली उठाने और टिकाने की गति को धीरे कीजिए।

तैयारी

कुर्सी के अगले आधे हिस्से पर सीधे बैठें। किनारे पकड़ें और पैर घुटनों के नीचे टिकाएँ।

कैसे करें

  1. साँस छोड़ते हुए दायाँ पैर थोड़ा उठाएँ; घुटना मुड़ा रहे।
  2. साँस लेते हुए पैर बिना पटकें नीचे रखें।
  3. साँस छोड़ते हुए बायाँ पैर उठाएँ।
  4. बारी-बारी चलाते रहें। धड़ को इधर-उधर झुलाने की आवश्यकता नहीं।

श्वास और मात्रा
20 से 30 सेकंड, बीच में विश्राम लेकर।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

08

बैठकर · आगे का चरण

हल्का पीछे झुकना, एक पैर उठाना

नावासन से प्रेरित अगला चरण

यह कुछ अधिक प्रयास वाला विकल्प है। दोनों हाथ सहारा दें और कम-से-कम एक पैर ज़मीन पर रहे।

तैयारी

कुर्सी के अगले हिस्से पर बैठकर सीट के किनारे पकड़ें। रीढ़ लंबी रखते हुए धड़ बहुत थोड़ा पीछे करें।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए दोनों तलवों का आधार बनाएँ।
  2. साँस छोड़ते हुए धड़ थोड़ा पीछे रखें और एक पैर उठाएँ। पीठ को गोल करके ढहने न दें।
  3. साँस लेते हुए पैर नीचे लौटाएँ।
  4. दूसरी ओर करें। विकल्प के रूप में दोनों पंजे नीचे रखकर केवल एड़ियाँ उठा सकते हैं।

श्वास और मात्रा
प्रत्येक ओर 2 सहज श्वास तक रहें; 4 बार दोहराएँ।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

09

खड़े होकर

कुर्सी से उठना और बैठना

रोज़मर्रा की गति का अभ्यास

आगे भार लाना, पैरों से उठना और धीरे वापस बैठना। रोज़ की इस क्रिया को ध्यान से कीजिए।

तैयारी

कुर्सी दीवार से सटा दें। सीट के अगले किनारे के पास बैठें; पैर घुटनों से थोड़े पीछे और कूल्हों जितने अलग हों। आवश्यकता पर स्थिर सीट या अचल सहारे से हाथों का बल लें; हिलती वस्तु पकड़कर न खींचें।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए कूल्हों से धड़ आगे लाएँ। रीढ़ को सहज लंबाई में रखें।
  2. साँस छोड़ते हुए दोनों तलवों पर दबाव देकर खड़े हों।
  3. साँस लेते हुए कूल्हे फिर कुर्सी की ओर पीछे भेजें।
  4. साँस छोड़ते हुए धीरे नीचे आएँ, जब तक सीट का पूरा सहारा न मिल जाए।

श्वास और मात्रा
4 से 6 बार; थकान से नियंत्रण बिगड़ने से पहले विश्राम लें।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

10

खड़े होकर · आगे का चरण

सीट के थोड़ा ऊपर ठहरना

उत्कटासन से प्रेरित अगला चरण

कुर्सी से उठना-बैठना स्थिर हो जाने पर ही यह विकल्प चुनिए। नीचे सीट उपलब्ध रहे।

तैयारी

दीवार से सटी कुर्सी के सामने खड़े हों। पैरों में कूल्हों जितना फ़ासला रखें। आवश्यकता के लिए अचल सहारा हाथ की पहुँच में हो।

कैसे करें

  1. साँस लेकर धड़ को सहज लंबाई दें।
  2. साँस छोड़ते हुए घुटने मोड़ें, कूल्हे पीछे भेजें और सीट से लगभग 1 से 3 इंच ऊपर ठहरें।
  3. एक सहज साँस लें। घुटने पैरों की दिशा में रहें।
  4. साँस छोड़ते हुए सीधे खड़े हो जाएँ या सीट पर पूरा बैठ जाएँ।

श्वास और मात्रा
एक सहज श्वास तक ठहरें; 3 से 4 बार करें।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

11

खड़े होकर

दीवार पर हथेलियों से धक्का

बाँहों और छाती का सहारे वाला अभ्यास

स्थिर दीवार के सामने कोहनियाँ मोड़िए और हथेलियों से धीरे वापस आइए।

तैयारी

खाली, ठोस दीवार के सामने खड़े हों। हथेलियाँ छाती की ऊँचाई पर और कंधों जितनी अलग रखें। पैर स्थिर हों और दीवार से दूरी सहज लगे।

कैसे करें

  1. शरीर को सहज सीध में रखते हुए कोहनियाँ धीरे मोड़ें और छाती दीवार की ओर लाएँ।
  2. तलवे नीचे रहें। कमर को अतिरिक्त मोड़ देकर पेट आगे न निकालें।
  3. हथेलियों से हल्का धक्का देकर शुरुआती स्थिति में लौटें। पूरे समय साँस चलती रहे।

श्वास और मात्रा
कुछ सहज दोहराव से शुरू करें। विश्राम लें; संख्या तभी बढ़ाएँ जब गति पर नियंत्रण बना रहे।

NHS के Strength exercises में दिए wall press-up से अनुकूलित।

12

बैठकर

हाथ के हल्के स्पर्श के साथ धड़ घुमाना

बैठकर नियंत्रित मोड़

पैर और कूल्हे स्थिर रहें। हाथ दिशा का संकेत दे; उससे खींचकर मोड़ बढ़ाना नहीं है।

तैयारी

तलवे टिकाकर सीधे बैठें। दायीं हथेली बायीं जाँघ के बाहरी हिस्से पर और बायाँ हाथ कुर्सी के किनारे रखें।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए रीढ़ में सहज लंबाई बनाएँ।
  2. साँस छोड़ते हुए पसलियाँ धीरे बायीं ओर घुमाएँ। दायीं हथेली का स्पर्श हल्का रहे; उससे खींचें नहीं।
  3. साँस लेते हुए बीच में लौटें।
  4. दूसरी ओर यही क्रम करें।

श्वास और मात्रा
प्रत्येक ओर 2 सहज श्वास तक रहें और दो बार दोहराएँ।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

13

बैठकर

गरुड़ की बाँहें

बैठकर कंधों के बीच जगह बनाना

कंधों के पीछे हल्का फैलाव आने दीजिए। हाथों की पूरी गाँठ बनाना लक्ष्य नहीं है।

गरुड़ की बाँहें। कंधों के पीछे हल्का फैलाव आने दीजिए। हाथों की पूरी गाँठ बनाना लक्ष्य नहीं है।
चित्र गति का संकेत है। अपने शरीर की सहज सीमा में रहें; चित्र जितना झुकना या उठना आवश्यक नहीं।

तैयारी

सीधे बैठकर बाँहें सामने कंधे की ऊँचाई पर लाएँ और कोहनियाँ मोड़ें।

कैसे करें

  1. साँस लेते हुए कंधों के पीछे के हिस्से को फैलने दें।
  2. साँस छोड़ते हुए दायीं ऊपरी बाँह बायीं के ऊपर लाएँ और हाथों की पीठ पास मिलाएँ।
  3. साँस लेते हुए कोहनियाँ थोड़ी उठाएँ; कंधे कानों से दूर रहें।
  4. साँस छोड़कर खोलें, फिर बायीं बाँह ऊपर रखकर करें।

श्वास और मात्रा
प्रत्येक ओर 3 सहज श्वास तक रहें।

कुर्सी के अनुकूल रूप: राजीव लुल्ला की मूल अभ्यास-सामग्री। सामान्य व्यायाम और सावधानियों के संदर्भ अंत में दिए हैं।

स्रोत और शिक्षण-संदर्भ

व्यायाम की सामान्य सलाह और परम्परा के वर्णन अलग प्रयोजनों के लिए दिए हैं। शास्त्रीय वर्णन अपने आप चिकित्सकीय प्रमाण नहीं बन जाता। कुछ स्रोत-कड़ियाँ अंग्रेज़ी में हैं।

  1. योग: प्रभाव और सावधानियाँ

    NCCIH का सामान्य मार्गदर्शन: शुरुआती अभ्यास, अनुकूल बदलाव और सुरक्षा।

  2. बैठकर किए जाने वाले व्यायाम

    NHS: कुर्सी का चुनाव और सामान्य बैठा व्यायाम।

  3. शक्ति के लिए सामान्य व्यायाम

    NHS: दीवार पर हथेलियों से धक्का देने सहित शुरुआती गतिविधियाँ।

  4. अधिक आयु में शारीरिक सक्रियता

    CDC: व्यापक सक्रियता में शक्ति और संतुलन का स्थान।

  5. ऑस्टियोपोरोसिस में व्यायाम-संबंधी सहमति

    Too Fit To Fracture: जियानग्रेगोरियो और सहकर्मियों की सिफ़ारिशें; रीढ़ की देखभाल के लिए व्यक्तिगत अनुकूलन।